बिहार के भागलपुर जनपद के युवा बृजेश की पीड़ा सरकार को सुनना चाहिए और युवा भाई बृजेश के सुझाव पर गम्भीरता से विचार करना चाहिए।
मैं देश की राजधानी नई दिल्ली में फुटपाथ के पास लगी दुकान पर नाश्ता कर रहा था, तो मैंने बिहार के भागलपुर जनपद के रहने वाले युवा बृजेश की बातों में उसकी पीड़ा को चुपचाप सुनता रहा, भाई बृजेश मोची का कार्य करता है, वह भाई किसी के द्वारा अपमान से दुखी लग रहा था और कह रहा था हमें हीनता के साथ बिहारी कोई बोलता है, तो अच्छा नहीं लगता। युवा बृजेश की बिहार से रोजगार के कारण पलायन को लेकर भी बड़ी पीड़ा थी, उसने सरकार से आह्वान किया कि अगर सरकार हमें बिहार में बंजर या बेकार पड़ी भूमि पर उगाने के लिए खेती किसानी के लिए खेतिहर मजदूर का वेतन दे, तो हम बाहर क्यों रोजगार की तलाश में पलायन करें। युवा भाई बृजेश का दर्द जायज था। फिर मैंने उन्हें हाल ही में बिहार के समस्तीपुर जनपद व सिवान जनपद के दौरे के बारे में विस्तार से बताया और कहा कि बिहार देश के सर्वश्रेष्ठ राज्यों में से एक है, बिहार आज रोड, रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर व शिक्षा के मामले में किसी भी राज्य से कम नहीं, बाहर जब जंगलराज हुआ करता था, तब की छवि बनी है। इसलिए आज मैं माननीय मुख्यमंत्री बिहार श्री Nitish Kumar जी से निवेदन करना चाह...